
लाखों भारतवासियों के दिलों में पलभर में समां जाने वाले अन्ना हजारे को क्या हो गया...एक स्वच्छ छवि वाले सामाजिक कार्यकर्ता को क्या हो गया,हो सकता है उम्र का तकाज़ा हो क्यूंकि अभी तो मौसम की गर्मी भी इतनी नहीं है की व्यक्ति कहना कुछ चाहे और गर्मी से ज़बान लडखडा जाये,जिस अन्ना हजारे की तुलना हम देशवासी राष्ट्रपिता गाँधीजी से कर रहे थे उन्हें अचानक क्या हो गया की वो अपनी महान छवि को भूल नरेन्द्र मोदी का गुणगान करने लगे..पुरे भारतवर्ष में अन्ना हजारे को सिर्फ दो ही ऐसे मुख्यमंत्री दिखे जिनके राज्य में विकास हुआ है,अरे अन्ना जी जिस लोकपाल बिल के लिए आज पूरा देश आपके साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ कंधा से कंधा मिला रहा है क्या उस जनता को ये बताने का कष्ट करेंगे की क्या गुजरात में लोकायुक्त नाम की कोई संस्था भी है...फिर आपका ये कहना की देश को नरेंद्र मोदी और नितीश कुमार जैसे लोगों की ज़रूरत है..हमे तो आपके अनशन को देख कर लगा था देश को आप जैसे लोगों की ज़रूरत है,भला एक सामाजिक कार्यकर्त्ता का किसी पार्टी की तरफ झुकाओ उन लाखों भारतवासियों के मन मष्तिष्क को दोराहे पर लाकर खड़ा कर देता की कहीं ये कोई राजनितिक षड्यंत्र तो नहीं , जो अब तक आप पर विश्वास करते आये हैं.. इस मनु स्थति के कई करण हैं जैसे माओवादियों के कैंप में जाकर देशद्रोही भाषण देने वाले स्वामी अग्निवेश का मंच पर आकर आपका साथ देना , (जिसका नतीजा हमारे जवानों का क़त्ल..) , अपनी बेटी को फर्ज़ी तरीके से मिजोरम कोटा के तहत दिल्ली के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने वाली पुलिस अधिकारी किरण बेदी ... (जहाँ हम आम हिंदुस्तानी के बच्चे एडमिशन के लिए लाइने लगाते हैं....), प्रियंवदा बिड़ला की संपत्ति को अपना बता कर हड़पने की साजि़श रचने वाले आर एस लोढ़ा जैसे बेइमान का वकील शांति भूषण .. देश की आन, बान और शान संसद, पर हमले में गाहे बगाहे शामिल शौकत हुसैन गुरु के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाला शांति भूषण .....अन्ना हम ने तो समझा था हम भारतवासियों को दूसरा राष्ट्रपिता मिल गया.हमने तो आपको गांधीजी का समकक्ष समझा है ..एक महान छवि वाला सच्चा सामजिक कार्यकर्ता समझा है ...अन्ना जी एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर सकती है लेकिन एक साफ़ और स्वच्छ छवि वाली मछली सारे तालाब को पवित्र नहीं कर सकती...हम भारतवासियों ने आप की छवि पर विश्वास किया है..आप पर विश्वास किया है....
नरेंद्र मोदी न तो भ्रष्टाचारी है और न ही निकम्मा और न लायक नेता है...उसने साबित कर दिया है कि वह आज के दौर का सफल नेता है... तुम स्यूडो सेक्यूलर लोग तो पागल हो गए हो... गुजरात दंगे तुम्हे याद रहते हैं 1984के दंगे पर क्यों पट्टी बांध रकी है... क्रिया की प्रतिक्रिया सृष्टि का नियम है...
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